बेंगलुरु — कर्नाटक की सियासत में लंबे सस्पेंस के बाद बड़ा बदलाव हुआ है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफ़े के बाद, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार ने राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। यह बदलाव 2023 के बाद से चर्चा में रहे ढाई-ढाई साल के पावर-शेयरिंग फ़ॉर्मूले के तहत हुआ।
3 जून को शपथ
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में डीके शिवकुमार को नेता चुना गया, और 3 जून 2026 को बेंगलुरु के लोक भवन (ग्लास हाउस) में उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था। सिद्धारमैया ने ख़ुद शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा।
कैबिनेट और डिप्टी सीएम
रिपोर्ट्स के अनुसार वरिष्ठ नेता जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री बनाया गया, और सतीश जारकीहोली, प्रियंक खड़गे तथा अन्य नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। शेष मंत्रियों को राज्यसभा चुनाव के बाद शामिल किए जाने की बात कही गई।
क्यों हुआ बदलाव
2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद से सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच पावर-शेयरिंग की चर्चा थी। सरकार के ढाई साल पूरे होने पर, हाईकमान के निर्देश के अनुसार सिद्धारमैया ने पद छोड़ा और शिवकुमार को शेष कार्यकाल के लिए कमान सौंपी गई।