The TV India | Business Desk
देश में महंगाई को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। अर्थशास्त्रियों के एक सर्वे के अनुसार, जून 2026 में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के 4% लक्ष्य से ऊपर जा सकती है। अगर अनुमान सही साबित होता है, तो यह पिछले करीब 16 महीनों में पहली बार होगा जब महंगाई RBI के लक्ष्य से ऊपर पहुंचेगी।
क्यों बढ़ रही है महंगाई?
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के दिनों में खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह है। कुछ इलाकों में कमजोर मानसून की आशंका, वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेजी और आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों ने भी कीमतों पर दबाव बनाया है।
Retail Inflation का आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
अगर महंगाई बढ़ती है, तो इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है।
- रसोई का बजट बढ़ सकता है।
- पेट्रोल-डीजल और परिवहन महंगे हो सकते हैं।
- रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं।
- घर का मासिक खर्च बढ़ने की संभावना है।
RBI के लिए क्यों अहम है यह आंकड़ा?
भारतीय रिज़र्व बैंक का लक्ष्य महंगाई को 4% के आसपास बनाए रखना है। मई 2026 में खुदरा महंगाई 3.93% दर्ज की गई थी। जून के आधिकारिक आंकड़े 13 जुलाई 2026 को जारी किए जाएंगे।
आगे क्या?
अब बाजार और आम लोगों की नजर 13 जुलाई को जारी होने वाले आधिकारिक CPI आंकड़ों पर है। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर यह तय होगा कि महंगाई वास्तव में कितनी बढ़ी और भविष्य में RBI की मौद्रिक नीति पर इसका क्या असर पड़ सकता है।
📌 मुख्य बातें
- जून में Retail Inflation के 4.3% तक पहुंचने का अनुमान।
- खाद्य और ईंधन की बढ़ती कीमतें प्रमुख कारण।
- मई में खुदरा महंगाई 3.93% रही थी।
- आधिकारिक CPI डेटा 13 जुलाई को जारी होगा।
- RBI की अगली नीति पर इन आंकड़ों का असर पड़ सकता है।