विपक्ष पस्त, रणनीति सख्त: गृहमंत्री ने सदन में खींची सुरक्षा की ‘लक्ष्मण रेखा’
नई दिल्ली: संसद का निचला सदन आज उस वक्त एक नए जोश से भर गया जब गृहमंत्री अमित शाह ने अपनी सीट से उठकर देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा पर सरकार का ‘रिपोर्ट कार्ड’ और ‘विज़न डॉक्यूमेंट’ पेश किया। अमित शाह का अंदाज आज न केवल आक्रामक था, बल्कि उनके शब्दों में एक स्पष्ट चेतावनी भी थी। उन्होंने विपक्ष के हर वार को तथ्यों के साथ ढाल बनकर रोका और फिर एक के बाद एक कई राजनीतिक प्रहार किए।
अमित शाह के भाषण के प्रमुख स्तंभ

1. आतंकवाद और नक्सलवाद का ‘अंतिम अध्याय’गृहमंत्री|
आतंकवाद और नक्सलवाद का ‘अंतिम अध्याय’गृहमंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा कि भारत अब केवल अपनी रक्षा नहीं करेगा, बल्कि ‘Pre-emptive Strike’ की नीति पर चलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि:सुरक्षा एजेंसियों को अब फाइलों के चक्कर में नहीं पड़ना होगा; उन्हें ‘Free Hand’ दिया जा चुका है।नक्सलवाद को देश के कुछ सीमित जिलों तक समेट दिया गया है और जल्द ही इसे पूरी तरह जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा।Zero Tolerance Policy का मतलब है कि अपराधी चाहे पाताल में भी छुपा हो, उसे ढूँढ निकाला जाएगा।
2. जम्मू-कश्मीर: 370 के बाद का ‘नया सवेरा’कश्मीर मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 का हटना केवल एक कानूनी बदलाव नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक और आर्थिक क्रांति थी।अब घाटी में पत्थरबाजी इतिहास की बात हो चुकी है, उसकी जगह अब युवाओं के हाथ में लैपटॉप और खेल के उपकरण हैं।उन्होंने रिकॉर्ड तोड़ पर्यटन और निवेश के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि कश्मीर अब अलगाववाद से निकलकर मुख्यधारा के विकास में दौड़ रहा है।
3. CAA पर विपक्ष की ‘भ्रम की राजनीति’ का अंतनागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर बोलते हुए शाह ने विपक्ष को आईना दिखाया। उन्होंने कहा:”यह कानून किसी की नागरिकता छीनने के लिए नहीं, बल्कि उन मजलूमों को सम्मान देने के लिए है जिन्होंने दशकों तक प्रताड़ना सही है।”उन्होंने विपक्षी दलों पर ‘वोट बैंक की राजनीति’ करने और जनता के बीच डर पैदा करने का गंभीर आरोप लगाया।

4. हाई-टेक सुरक्षा और मॉडर्न पुलिसिंग भविष्य की तैयारियों पर बात करते हुए गृहमंत्री ने Digital India के सुरक्षा मॉडल को सामने रखा:अब थानों में पुरानी फाइलों की जगह Data Analytics और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग होगा।साइबर क्राइम और संगठित अपराध को रोकने के लिए एक नेशनल ग्रिड तैयार किया जा रहा है।पुलिसिंग को केवल ‘लाठी’ तक सीमित न रखकर उसे Technologically Advanced बनाया जा रहा है।
5. अभेद्य सीमाएं: ‘स्मार्ट फेंसिंग’ का दौरदेश की सरहदों को लेकर शाह ने स्पष्ट संदेश दिया कि एक इंच जमीन पर भी किसी का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।सीमावर्ती क्षेत्रों में Infrastructure (सड़कें और पुल) का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।घुसपैठ रोकने के लिए ‘स्मार्ट फेंसिंग’ और ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली को और अधिक विस्तार दिया जा रहा है।
विपक्ष पर सीधा प्रहार: “सदन में राजनीति नहीं, राष्ट्रनीति चले

अमित शाह ने अपने संबोधन के अंत में विपक्षी बेंचों की ओर इशारा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीति करना बंद होना चाहिए। उन्होंने कहा, “जब देश की सीमाओं और आंतरिक शांति की बात आती है, तो पूरा सदन एक स्वर में बोलना चाहिए। भ्रम फैलाकर आप सरकार को नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा को कमजोर करते हैं।”
“हमारा लक्ष्य केवल सत्ता में रहना नहीं, बल्कि एक ऐसा भारत बनाना है जहाँ हर नागरिक सुरक्षित महसूस करे और दुश्मन भारत की तरफ आँख उठाकर देखने की हिम्मत न कर सके।”— अमित शाह, गृहमंत्री